H-1B वीजा आवेदनों में लगातार दूसरे वर्ष आई कमी

क्यों आई कमी
ट्रंप प्रशासन की सख्ती को 8,902 कम आवेदन आने की वजह माना जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के पहले से अपने चुनावी अभियान में अमेरिका के लोगों को रोजगार देने पर जोर डालते रहे हैं। राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने एच-1बी वीजा रूल में सख्ती करनी शुरू की। ट्रंप की वजह से अमेरिका में मौजूद भारतीय टेक कंपनियों ने भी भारतीयों की जगह अमेरिका के नागरिकों को नौकरियां देनी शुरू कर दी है।  ट्रंप के पहले तक ऐसा नहीं था। तब तो एच-1बी वीजा के लिए आवेदन करने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही थी। लिमिट बढ़ने की वजह से 2013-14 में लॉटरी सिस्टम लाया गया था। साल 2016-17 की बात करें तो तब आदेवन करने वालों की संख्या 2.4 लाख पहुंच गई थी।  वहीं अब लॉटरी में नाम आने के बावजूद वीजा मिलना पक्का नहीं है। क्योंकि ट्रंप ने अब तरह-तरह की नई जांच शुरू करवा दी हैं। वीजा ऐप्लिकेशन के दौरान होनेवाली पूछताछ भी पहले जैसी नहीं रही है।