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इन यूनिक और क्रिएटिव तरीको से करें Mason Jar Decoration

इन यूनिक और क्रिएटिव तरीको से करें Mason Jar Decoration

 घर में काफी सामान ऐसा होता है, जिन्हें हम बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं करते और बेकार समझकर घर किसी कोने में रख देते है। परन्तु आप नहीं जानते कि घर में पड़ी पुरानी चीजें जैसे कांच के जार, कंटेनर, बोतलें आदि को दोबारा से इस्तेमाल किया जा सकता है। घर पर इस्तेमाल किए जाने वाले कांच के जार का दोबारा क्रिएटिव तरीके से इस्तेमाल करके आप सजावट के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। आज हम आपको मेसर जार से घर सजाने के कुछ ऐसे आइडियाज देंगे, जिसे देखकर हर कोई आपकी तारीफ करेगा। तो चलिए जानते हैं मेजर जार से घर सजाने के कुछ डिफरेंट और यूनिक आइडियाज।   1. Mason Jar Lamp आप इसका इस्तेमाल घर के लिए स्टाइलिश लैंप बनाने के लिए भी कर सकते हैं। अपनी थोड़ी-सी क्रिएटिविटी दिखा आप इससे स्टाइलिश लैंप बनाकर डेकोरेशन कर सकती हैं। 2. Textured Vases कांच के जार में कोई भी कलर करके आप इसे फ्लावर
यूं बनाएं मजेदार चिल्ड कोकोनट बर्फी

यूं बनाएं मजेदार चिल्ड कोकोनट बर्फी

  समय: 20 मिनट सामग्री: बर्फी 200 ग्राम, नारियल का बुरादा आधा कप, वनिला आइसक्रीम 2 स्कूप। विधि: बर्फी को मैश करें और उसमें नारियल का बुरादा डालकर मिक्स करें। इसे अच्छे से मिक्स करें और इस मिक्सचर को ओवन प्रूफ बाउल में डालें। इस बाउल को प्री-हीटेड ओवन में 180 डिग्री पर करीब 10 मिनट के लिए बेक करें। इसे ओवन से निकालें और तुरंत ही इस पर आइसक्रीम डालकर सर्व करें।
हेल्थ को ज्यादा नुकसान पहुंचाता है घर का पलूशन

हेल्थ को ज्यादा नुकसान पहुंचाता है घर का पलूशन

हाल ही में आए आंकड़े बताते हैं कि हर साल 43 लाख लोग घर के अंदर होने वाले पलूशन के शिकार हो रहे हैं। घर को पलूशन फ्री बनाने के लिए कुछ बातों पर गौर करें, तो इससे आसानी छुटकारा पाया जा सकता है... घर के भीतर हवा में भी धूल कण और कीटाणु मौजूद होते हैं, शायद आपको यह पता भी होगा। इनकी वजह से कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स आ जाती हैं। इसके लिए जरूरी है घर बनाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना। - घर को बनवाते समय सिरेमिक टाइल्स, मार्बल और पत्थर लगाने की बजाय वुडन फ्लोरिंग करवाएं या फिर घर के किसी हिस्से को वुडन फ्लोरिंग रखें। अगर घर के अंदर बहुत सारा बेकार का सामान भरा पड़ा हो, तो भी वहां घुटन का अहसास होता है। इससे बचने के लिए अपने घर के अंदर पड़े बेकार सामान को फेंक दें या बेच दें। - इको फ्रेंडली घरों में एनर्जी की खपत को कम करने वाले उपकरण लगाए जाते हैं। साथ ही ऐसे यंत्र इस
700 साल पुराने बरगद के पेड़ को बचाने के लिए चढ़ाई जा रही सलाइन ड्रिप

700 साल पुराने बरगद के पेड़ को बचाने के लिए चढ़ाई जा रही सलाइन ड्रिप

पेड़ पर चढ़ती सलाइन ड्रिप  हैदराबाद । तेलंगाना के महबूबनगर जिले में स्थित बरगद का पेड़ दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बरगद का पेड़ है। इसका अस्तित्व संकट में है, इसे बचाने के लिए अब इसे सलाइन ड्रिप चढ़ाई जा रही है। इसे फिर से जीवित करने के लिए यह कोशिश की जा रही है। दुनिया भर में मशहूर पिल्लामर्री स्थित 700 साल पुराना यह पेड़ खत्म होने की कगार पर आ गया है। पेड़ पर दीमक का प्रकोप इतना है कि वह इसे खोखला किए जा रहे हैं। इसी कारण पेड़ का कुछ हिस्सा भी गिर चुका है। दिसंबर 2017 के बाद से यहां पर्यटकों का आना-जाना प्रतिबंधित किया जा चुका है। ऐसे में पेड़ का इलाज किया जा रहा है। इंजेक्शन से डाल्यूटेड केमिकल्स लगाए जा रहे हैं ताकि दीमक खत्म किया जा सके। तने से केमिकल डालने पर नहीं मिली सफलता पेड़ का इलाज करने के लिए पहले इसके तने में केमिकल डाला गया लेकिन यह नाकामयाब रहा। फिर
इन जादुई टिप्स से बुढ़ापे में भी पार्टनर से जताएं अपना रोमांस और प्यार

इन जादुई टिप्स से बुढ़ापे में भी पार्टनर से जताएं अपना रोमांस और प्यार

  शादी के कुछ साल बाद पति-पत्नी के बीच का रोमांस भी कम हो जाता है क्योंकि वह अपने परिवार की जिम्मेदारियों में इस कदर बिजी हो जाते है कि उनके पास अपने पार्टनर के साथ बैठकर प्यार भरी बातें करने का टाइम ही नहीं होता। धीरे-धीरे बुढ़ापा आने लगते है तो कपल इस उम्र में रोमांस जैसी चीजों से दूरियां ही बनाने लगते है। इस उम्र में पति-पत्नी के बीच का प्यार भी लुप्त होने लगते है लेकिन रोमांस और प्यार सिर्फ जवानी में ही नहीं, बल्कि बुढ़ापे में भी कायम होना चाहिए, तब जिंदगी बिताना आसान भी हो जाता है। अगर आप भी अपने बुढ़ापे में पार्टनर के साथ प्यार और रोमांस बरकरार रखना चाहते है तो हम आपको कुछ टिप्स बताएंगे, जिनके जरिए आप बुढ़ापे में भी रोमांस भर सकते है।  1. अक्सर ट्रिप बनाते रहना  बुढ़ापे में कुछ लोग सोचते हैं कि अब हमारी उम्र घूमने-फिरने की नहीं रही लेकिन यह बिल्कुल गलत सोच है। कई बार घ
सीजेरियन डिलीवरी करवाने से पहले जानें इसके जोखिम और साइड इफैक्ट्स

सीजेरियन डिलीवरी करवाने से पहले जानें इसके जोखिम और साइड इफैक्ट्स

   गर्भावस्था में महिलओं को यहीं टैंशन होती है कि उसका बच्चा नार्मल डिलीवरी से होगा की सी-सेक्शन से। कई बार स्वस्थ दिखाई देने वाली औरतों के भी सी-सेक्शन से ही बच्चा होता है। आज हम आपको सी-सेक्शन करवाने के जोखिम और साइड इफैक्ट्स के बारे में बताएंगे।  कैसे होता है सी-सेक्शन सी-सेक्शन में पेट को एक कट लगा कर बच्चों को बाहर निकाला जाता है। पेट में कट लगाने से पहले एनेस्थीसिया (बेहोशी का इंजेक्शन) दिया जाता है। इससे महिला बेहोश हो जाती है उसको कुछ पता नहीं चलता।   सी- सेक्शन के जोखिम और साइड इफैक्ट्स 1. सी-सेक्शन करवाने से भविष्य में होने वाली प्रैग्नेंसी पर भी प्रभाव पड़ सकता है। इसका मतलब यह नहीं है की आप दोबारा प्रैग्नेंट नहीं हो सकती। 2. सी- सेक्शन में बच्चे को जन्म देने के 12 घंटें बाद महिला के पेट में जबरदस्त दर्द महसूस होता है। ये दर्द इतना खतरनाक होता है कि कई