उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि इंडिया पोस्ट पेमेन्ट्स बैंक जिले में नागरिकों को वित्तीय जागरूकता के जरिए वित्तीय समावेशन के लक्ष्य को प्राप्त करने में योगदान देगा। जहां 70 प्रतिशत नागरिकों को देश में उपलब्ध बैंक की लगभग एक लाख शाखाएं सेवाएं दे रही है, वहीं शेष 30 प्रतिशत आबादी को डाकघर की 1.55 लाख शाखाएं सेवाएं प्रदान करेंगी, जो कि उनके बिल्कुल नजदीक होंगी। ज्ञात हो कि देश के 1.55 लाख डाकघर में से 1.30 लाख डाकघर ग्रामीण क्षेत्रों में हैं। सरकार की मंशा है कि देश के सभी ग्रामीणों को डाकघर के माध्यम से बैंक की सुविधा मुहैय्या कराई जाए। आगामी 31 दिसंबर तक देश के शेष सभी डाकघरों में भी इंडिया पोस्ट पेमेन्ट्स बैंक शुरूआत कर दी जाएगी। इससे गांव के प्रत्येक नागरिक को डिजीटल करेंसी अथवा करेंसीलेस लेन-देन करने में मदद मिलेगी और यह प्रधानमंत्री के कैशलेस इकोनॉमी एवं डिजीटल क्रांति के सपने को भी साकार करेगा।
गौरतलब है कि इस बैंक की खास बात यह है कि खाता खोलने और खाते में लेन-देन के लिए किसी प्रकार के दस्तावेज की जरूरत नहीं है। यह पूरी तरह से पेपरलेस कार्यप्रणाली के तहत् कार्य करेगा। इसमें कोई भी व्यक्ति आधार कार्ड के जरिए किसी भी स्थान, डाकघर अथवा घर पर ही इंडिया पोस्ट पेमेंन्ट्स बैंक में अपना खाता खोल सकता है। इसलिए बैंक का टैगलाईन ’आपका बैंक, आपके द्वार’ रखा गया है। इंडिया पोस्ट पेमेन्ट्स बैंक देश में क्यू.आर.कार्ड के माध्यम से लेने-देन करने की आजादी ग्राहकों को देगा, जो कि नई प्रणाली के जरिए गांव-गांव में डिजीटल क्रांति लाएगी। इस मौके पर नगरपालिक निगम धमतरी की महापौर श्रीमती अर्चना चौबे ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में नगरनिगम सभापति श्री राजेन्द्र शर्मा, जनपद पंचायत अध्यक्ष धमतरी श्रीमती रंजना साहू, उप संभागीय डाक प्रमुख श्री सौरभ कुमार असाटी, ब्रांच मैनेजर आई.पी.पी.बी. श्री वैशाख दास, पार्षदगण सहित बैंक एवं पोस्ट ऑफिस के अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिकगण मौजूद रहे।