प्रदेश में तेन्दूपत्ता बोनस तिहार की तैयारी शुरू

  • ० लगभग 14 लाख तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को मिलेगा 274 करोड़ से ज्यादा बोनस
  • ० प्राथमिक वनोपज समितियों के सम्मेलनों में होगा बोनस तिहार
  • ० मुख्यमंत्री नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले से दो दिसम्बर को करेंगे शुरूआत
  • ०  डॉ. रमन सिंह सात स्थानों पर आयोजित बोनस तिहारों में 18 जिला वनोपज यूनियनों के संग्राहकों को देंगे बोनस

रायपुर (एनपी न्यूज)। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की घोषणा के अनुरूप राज्य में तेन्दूपत्ता बोनस तिहार की तैयारी शुरू हो गई है। लगभग 14 लाख तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को पिछले वर्ष के संग्रहण कार्य का बोनस देने के लिए प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों का सम्मेलन बोनस तिहार के रूप में अगले माह की 2 तारीख से शुरू हो जाएगा और 11 दिसंबर तक चलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह 02 दिसम्बर को राज्य के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले से तेन्दूपत्ता बोनस तिहार की शुरूआत करेंगे। इस दौरान डॉ. सिंह सात स्थानों पर आयोजित बोनस तिहारों में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे और इन आयोजनों में 18 जिला वनोपज सहकारी यूनियनों से संबंधित समितियों में शामिल तेन्दूपत्ता संग्राहकों को बोनस वितरित करेंगे।
तेन्दूपत्ता बोनस तिहार के प्रथम दो दिनों में मुख्यमंत्री 02 और 03 दिसंबर को राज्य के नक्सल हिंसा प्रभावित आठ जिलों में तेन्दूपत्ता बोनस वितरण कार्यक्रम में शामिल होंगे। राज्य में तेन्दूपत्ता बोनस तिहार के दौरान प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के लगभग 14 लाख सदस्यों को वर्ष 2016 के संग्रहण कार्य के लाभांश के रूप में 274 करोड़ 38 लाख रूपए का बोनस (प्रोत्साहन पारिश्रमिक) दिया जाएगा। वन मंत्री श्री महेश गागड़ा ने विभागीय अधिकारियों को तेन्दूपत्ता बोनस तिहार के लिए सभी जरूरी इंतजाम जल्द से जल्द सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। श्री गागड़ा ने बताया कि तेन्दूपत्ता संग्रहण वर्ष 2016 में केवल शुद्ध लाभ प्राप्त प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों की शुद्ध आमदनी का 80 प्रतिशत हिस्सा प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) के रूप में दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि विगत 13 वर्षों में राज्य सरकार ने तेन्दूपत्ता संग्राहकों को एक हजार 842 करोड़ रूपए का पारिश्रमिक और एक हजार 235 करोड़ रूपए का बोनस दिया है।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक और छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ के प्रबंध संचालक श्री मुदित कुमार सिंह ने आज यहां बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कुल 14 स्थानों पर वनोपज समितियों के सम्मेलन के रूप में तेंदूपत्ता बोनस तिहार मनाया जाएगा।     मुख्यमंत्री डॉ. सिंह 02 दिसम्बर को पूर्वान्ह जिला मुख्यालय बीजापुर में आयोजित बोनस तिहार में 02 जिलों बीजापुर और दंतेवाड़ा (जिला यूनियनों) के संग्राहकों को बोनस वितरित करेंगे। वे उसी दिन अपरान्ह जिला कोण्डागांव के ग्राम धनोरा (केशकाल) में आयोजित बोनस तिहार में लघु वनोपज जिला यूनियन-केशकाल, दक्षिण कोण्डागांव और नारायणपुर की समितियों के सदस्य संग्राहकों को तेंदूपत्ता बोनस देंगे। मुख्यमंत्री अगले दिन 03 दिसम्बर को पूर्वान्ह सुकमा जिले के छिन्दगढ़ में आयोजित सम्मेलन में दो जिलों-सुकमा और जगदलपुर जिला यूनियनों के अंतर्गत शामिल समितियों के सदस्यों को बोनस देंगे। डॉ. सिंह 03 दिसम्बर को ही अपरान्ह मोहला (जिला राजनंादगांव) में आयोजित बोनस तिहार में बालोद और राजनांदगांव जिला लघु वनोपज यूनियनों के अंतर्गत शामिल प्राथमिक वनोपज समितियों के सदस्यों को तेंदूपत्ता बोनस वितरित करेंगे। मुख्यमंत्री के साथ वन मंत्री श्री महेश गागड़ा और संबंधित जिलों के प्रभारी मंत्री भी इन सम्मेलनों में शामिल होंगे।
प्रबंध संचालक श्री सिंह ने बताया – मुख्यमंत्री पांच दिसम्बर को बलरामरापुर-रामानुजगंज जिले के शंकरगढ़ में आयोजित बोनस तिहार में बलरामपुर और सरगुजा जिला यूनियनों की समितियों के सदस्यों को, बोनस बांटेंगे। डॉ. सिंह आठ दिसम्बर को बिलासपुर जिले के मरवाही में पूर्वान्ह आयोजित सम्मेलन में तीन जिला यूनियनों-मरवाही, बिलासपुर और जांजगीर-चांपा की समितियों के सदस्यों को तथा अपरान्ह रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ में आयोजित सम्मेलन में रायगढ़, कटघोरा, कोरबा और धर्मजयगढ़ जिला यूनियनों की समितियों के सदस्यों को बोनस की राशि वितरित करेंगे।
तेन्दूपत्ता बोनस तिहारों में प्रदेश सरकार के मंत्रीगण भी अलग-अलग जिला यूनियनों के कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर संग्राहकों को प्रोत्साहन पारिश्रमिक (बोनस) बांटेंगे। वन मंत्री श्री महेश गागड़ा, गृह मंत्री श्री रामसेवक पैकरा और आदिम जाति विकास मंत्री श्री केदार कश्यप चार दिसम्बर को कांकेर जिले के अंतागढ़ में आयोजित सम्मेलन में तीन जिला लघु वनोपज यूनियनों-पूर्वी भानुप्रतापपुर, पश्चिम भानुप्रतापपुर और कांकेर की समितियों के सदस्यों को बोनस वितरित करेंगे। वन मंत्री, गृह मंत्री और आदिम जाति विकास मंत्री छह दिसम्बर को गरियाबंद जिले के मैनपुर में आयोजित सम्मेलन में धमतरी और गरियाबंद जिला यूनियनों के तेन्दूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि प्रदान करेंगे।
प्रबंध संचालक ने बताया-निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार तीनों मंत्री सात दिसम्बर को पूर्वान्ह कबीरधाम जिले के बोड़ला में आयोजित कार्यक्रम में कवर्धा जिला यूनियन के संग्राहकों को और उसी दिन अपरान्ह राजनांदगांव जिले के साल्हेवारा में आयोजित सम्मेलन में खैरागढ़ जिला यूनियन के संग्राहकों को बोनस प्रदान करेंगे। वन मंत्री श्री गागड़ा, गृह मंत्री श्री पैकरा और आदिम जाति विकास मंत्री श्री कश्यप 9 दिसम्बर को महासमुन्द जिले के खल्लारी में आयोजित बोनस तिहार में बलौदाबाजार और महासमुन्द जिला यूनियनों के संग्राहकों को तथा अगले दिन 10 दिसम्बर को कोरिया जिले के सोनहत में आयोजित बोनस तिहार में कोरिया, सूरजपुर और मनेन्द्रगढ़ जिला यूनियनों के तेन्दूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि का वितरण करेंगे। तीनों मंत्री 11 दिसम्बर को जशपुर जिले के कोतबा में आयोजित बोनस तिहार में जशपुर जिला यूनियन के तेन्दूपत्ता संग्राहकों को बोनस राशि प्रदान करेंगे। राज्य लघुवनोपज सहकारी संघ के प्रबंध संचालक ने सभी जिला वनोपज सहकारी यूनियनों के प्रबंध संचालकों को इन सम्मेलनों का कार्यक्रम जारी कर दिया है।