हाईटेक तरीके से ठगी करने वाले 6 आरोपी गिरफ्तार

0-दिल्ली से पकड़े गए सभी ठग
0-आईजी ने किया मामले का खुलासा
0-मुख्य आरोपी फरार
रायपुर, 09 अगस्त (एनपी)। रकम दोगुना करने का झांसा देकर लोगों से लाखों रूपए का निवेश कराकर हाईटेक ठग्ी करने वाले शातिरों के एक गैंग को पकडऩे में राजधानी पुलिस ने सफलता पाई है। एक पे्रसवार्ता में पूरे मामले का खुलासा करते हुए आईजी जीपी सिंग ने बताया कि दिनांक 20 जुलाई को प्रार्थी देवेन्द्र सिंह ठाकुर निवासी नयापारावार्ड धमतरी ने शिकायत दर्ज कराया था कि मेट लाईफ कंपनी के बीमा की राशि को दोगुना करने का प्रलोभन देकर टेलीकालर्स द्वारा अलग-अलग नंबरों से फोन कर पैसा जमा कराकर धोखाधड़ी की गई। इस पर धमतरी में अपरध दजघर्् कर प्रकरण जांच में लिया गया। प्रारंभिक छानबीन में रकम जमा करने वाले खाते का संचालन दिल्ली से होना पााय गया। इस पर प्रार्थी के पुत्र के साथ पुलिस की एक विशेष टीम को दिल्ली भेजा गया। जहां से आरोपी केके सिंह, राजीव कुमार एवं सोनू कुमार को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। पूछताछ में अन्य आरोपियों के भी शामिल होने की जानकारी सामने आई। इस पर टीम ने आगे की जांच जारी राख्ी। अभी तक की विवेचना में पुलिा ने यह पाया है कि प्रर्थी को जिन मोबाइल नंबरों से पुोन किया गया था उनके द्वारा अपना नाम आरके गुप्ता, एसपी तिवारी, संजय गर्ग एवं कृतिका बताया गया है तथा इनके द्वारा प्रार्थी को अलग-अलग बैंक खाता नंबर बताया गया जिसमे ंपैसा जमा करने के लिए कहा गया। प्रार्थी द्वार टेलीकालर्स द्वारा बताए गए विभिन्न खातों में 29 लाख 30 हजार रूपए जमा कराया गया। इधर जांच के दौरान आरोपियों को उलझाए रखने के लिए प्रार्थी के पुत्र दीपक द्वारा उनसे लगातार संपर्क बनाए रखा गया। पता चला कि आरोपियों का एक बड़ा गु्रप है और इस गु्रप के द्वज्ञक्रा कई कंपनियां खोलकर रखी गई है। इसमें एएचएसडब्ल्यूएस, लाईफ केयर, सिटी सर्विलेंस, जीएसबी सर्विसेस, केपिटल साल्युशेन, यूनिट फाइनेंस, इंश्योरकेयर, स्टेंटडर्ड लाइन, केएलजी वेल्य क्रियेटर, केएजी सोशल वेलफेयर, डिगनिटी सर्विसेस, वैल्यूवेन साल्युशेन प्रालि, मिथिल इंटरप्राइजेस तथा शिवशक्ति प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। इन कंपनियों द्वारा पूरे देश में अलग-अलग जगहों पर लोगों से संपर्क कर धनराशि जमा कराई गई है। आरोपीगण कंप्यूटर हेकिंग, बैंक, फायनेंस, इंश्योरेंस की कार्यप्रणाली के जानकार हैं। आरोपियों से बरामद लेपटॉप के विश्लेषण से पता चला है कि आरोपियों द्वारा अपराधकारित करने के पूर्व बड़ी बीमा कंपनियों के पॉलिसियों का बारीकी से अध्ययन किया गया है और इसके बाद ये वारदातों को अंजाम देते गए। आरोपी पीडि़तों को प्रलोभन देते थे कि अन्य बीमा कंपनियों के मुकाबले उनकी कंपनी कम समय में रकम दोगुना कर के वापस देती है। आरोपियों से हुई पूछताछ में पता चला है कि गैंग का मास्टर माइंड एहसान कुरैशी नामक व्यक्ति है जो अलीगढ़ का रहने वाला है। केके सिंह, सोनू कुमार एवं राजीव कुमार भी इसी रैकेट का हिस है। एहसान कुरैशी एवं केके सिंह अलग-अलग कंपनियों के नाम से बैंकों में खाता खुलवाते हैं। इधर ग्राहकों से बैंक खातों में जमा राशि एनईएफटी, आरटीजीएस के माध्यम से जमा कराई जाती है। उक्त जमा राशि का यूटीआर नंबर लेकर राशि बैंक में जमा होने पर ये राशि को अपने खातों में ट्रांसफर्मर कर लेते हैं और बड़ी धनराशि बैंक से निकालकर आपस में बांट लेते हैं। विवेचना के दौरान धमतरी पुलिस द्वारा प्रार्थी द्वारा धनराशि जमा कराये गए बैंक आफ बड़ौदा के खाता क्रमांक 21610100008396 में जमा राशि जो कि 40 लाख है को सीज करा दिया गया है। इसी तरह कुल 20 खोतों में जमा कुल 71 लाख 40 हजार 907 रूपए का सीज कर दिया गया है। पतासाजी में टेलीकॉलर्स का पता नोएडा आगुमेंट काल सेंटर पता चला। यहां दबिश दी र्ग तथा काल सेंटर के प्रमुख अफजल हुसैन सहित 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। ये सभी अफजल हुसैन के कहने पर ग्राहकों से संपर्क कर उन्हें फंसाने का काम करते थे। गिरफ्तार आरोपिायें में इमरान खान, मेहताब, आसिफ खान, विनोद कुमार उर्फ अलीम खान, विपिन कुमार शामिल हैं। मुख्य आरोपी एहसान अली कुरैशी वर्तमान में फरार है। पूर्व में भी वर्ष 2011 में जिला अलीगए़ के कोहरसा थाना में आरोपी एहसान कुरैशी के विरु। धोखाधड़ी का अपराध पंजीबद्ध हो चुका है। राजधानी पुलिस ने अन्य राज्यों के पुलिस को भी गैंग के पकड़े जाने तथा वारदात की पूरी जानकारी दी गई है ताकि यदि दूसरे राज्यों में इस तरह की ठगी हुई हो तो आरोपियों को पकडऩे में आसानी हो।