board exam : जिस विषय का होगा पर्चा उस विषय के शिक्षक की नहीं लगेगी ड्यूटी

रायपुर, 06 फरवरी (एनपी)। 10 फरवरी से प्रारंभ हो रही बोर्ड परीक्षाओं में इस बार नकल रोकने के साथ ही बोर्ड एक नया प्रयोग करने जा रही है। जिस तिथि को जिस विषय का पर्चा होगा, उस दिन उस विषय के शिक्षक की ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी।
माध्यमिक शिक्षा मंडल कार्यालय के सूत्रों की माने तो बोर्ड इस बार परीक्षा में पूरी पारदर्शिता बरतने और नकल रोकने के लिए पूरी तरह से तैयार है। दसवीं की परीक्षा 10 फरवरी से प्रारंभ हो रही है। प्रथम पर्चा हिन्दी का होगा। इसी तरह 13 फरवरी को गणित, 15 को सामाजिक विज्ञान, 17 को संस्कृत, 20 को विज्ञान विषय का पर्चा होगा। बोर्ड की तैयारी पूरी हो चुकी है और गोपनीय सामग्रियों का वितरण भी हो चुका है। केन्द्राध्यक्षों को परीक्षा के पूर्व बिजली, पेयजल, फर्नीचर आदि की व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने का निर्देश भी दिया जा चुका है। परीक्षा सेंटरों में रोल नंबर और बैठक व्यवस्था के अनुसार प्रश्रपत्र और उत्तरपुस्तिकाएं भेजी जा चुकी है। बोर्ड ने इस बार नकल रोकने के लिए कई नए निर्देश जारी किया है। इसमें से एक तो यही है कि परीक्षार्थी जैसे ही परीक्षा केन्द्र पहुंचता है, उसकी पूरी तरह से जांच की जाएगी, ताकि परीक्षा के दौरान जांच किए जाने से बचा जा सके। इससे जहां परीक्षार्थियों को कोई असुविधा नहीं होगी तो वहीं पर्यवेक्षक भी पूरी तरह से आश्वस्त रहेंगे। इससे परीक्षा में किसी भी तरह से व्यवधान नहीं आएगा। दूसरा महत्वपूर्ण निर्णय यह है कि इस वर्ष परीक्षा के दौरान जिस विषय का पर्चा होगा, उस दिन उस विषय के शिक्षक की ड्यूटी परीक्षा में नहीं लगाई जाएगी। इससे परीक्षा में काफी पारदर्शिता आ जाएगी और नकल अथवा नकल कराने के प्रयास पर काफी हद तक अंकुश लगाया जा सकेगा। बोर्ड के इस निर्णय से सभी संबंधित अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है, ताकि कहीं भी विषय विशेषज्ञ शिक्षक की ड्यूटी उसी विषय के पर्चे के दौरान ना लगाई जाए। बोर्ड सूत्रों की माने तो गत वर्ष की तरह इस वर्ष भी बोर्ड रिजल्ट को लेकर तैयारी में है। परीक्षा समाप्ति के ठीक बाद उत्तरपुस्तिकाओं के संकलन और मूल्यांकन का काम भी साथ ही साथ शुरू कराने की योजना है। बोर्ड की मंशा है कि तय समय सीमा में यदि उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरा हो जाएगा तो रिजल्ट भी समय पर घोषित हो सकेंगे।
बोर्ड परीक्षा के दौरान जिस विषय का पर्चा होगा, उस दिन उस विषय के शिक्षक की ड्यूटी न लगाकर उन्हें रिजर्व में रखा जाएगा, एक नई व्यवस्था देने का प्रयास किया जा रहा है।