किसानों को सोयाबीन की फसल नुकसान का मिलेगा मुआवजा : मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को दिए परीक्षण के निर्देश

रायपुर 22 दिसंबर (एनपी)। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कबीरधाम जिले के लोहारा विकासखण्ड के ग्राम गांगीबहरा और बोडला विकासखण्ड के ग्राम कांपा से आये किसानों को उनकी सोयाबीन की फसल को बारिश के कारण हुए नुकसान का मुआवजा नियमानुसार मिलने का भरोसा दिलाया है। मुख्यमंत्री आज सवेरे यहां अपने निवास पर आम जनता से मुलाकात के साप्ताहिक कार्यक्रम जनदर्शन में लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। इस दौरान गांगीबहरा गांव के किसानों ने उनसे मुलाकात कर उन्हें बताया कि इस वर्ष बारिश के कारण सोयाबीन की फसल को काफी नुकसान हुआ है। कांपा के किसानों ने बताया कि पिछले वर्ष उनकी फसल को नुकसान हुआ था लेकिन अब तक मुआवजा नहीं मिला है। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर कबीरधाम को इन किसानों के आवेदनों का परीक्षण कर उचित कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। संसदीय सचिव श्री मोतीराम चंद्रवंशी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम मोहतरा (स) से आये ग्रामीणों ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत गांव से श्मशान घाट तक बने पहुंचमार्ग में अनियमितता की शिकायत की। मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टर को उनके आवेदन का परीक्षण कर उचित कार्रवाई के निर्देश जारी किए है। कोण्डागांव जिले के माकड़ी विकासखण्ड की ग्राम पंचायत पीढ़ापाल से आए किसानों के प्रतिनिधि मण्डल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। अनुसूचित जनजाति वर्ग के यह सभी किसान सब्जी उत्पादक हैं। इन्होंने शाकम्भरी योजना के अंतर्गत सिंचाई पम्प प्रदान करने और नयी बिजली लाइन के विस्तार का आग्रह किया।
उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि नयी लाइन के विस्तार से 49 किसान लाभन्वित होंगे। मुख्यमंत्री ने उनकी समस्या सहानुभूतिपूर्वक सुनी और उन्हें सौर सुजला योजना के अंतर्गत सोलर सिंचाई पम्प उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर कोण्डागांव को इन सभी किसानों के प्रकरण तैयार कर उन्हें सोलर सिंचाई पम्प स्वीकृत करने के निर्देश जारी किए हैं। राजधानी रायपुर से लगे नगर निगम बीरगांव से पार्षद श्री सुदन संतोष सिक्ली के नेतृत्व में आए नागरिकों के प्रतिनिधि मण्डल ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनकी नगर निगम के वार्ड क्रमांक 10, बंजारी नगर में तीन वर्ष से भागीरथी नल-जल योजना के तहत नल कनेक्शन दिए गए हैं। लेकिन अब तक पानी की आपूर्ति प्रारंभ नहीं हो पायी है और नगर निगम द्वारा हर वर्ष जलकर की वसूली की जा रही है। मुख्यमंत्री ने उन्हें उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। डॉ. सिंह ने नगर निगम आयुक्त को प्रकरण का परीक्षण कर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए हैैं। जनदर्शन में लगभग एक हजार सात लोगों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें अपनी समस्याएं बतायी। इनमें से 293 लोगों ने 37 प्रतिनिधि मण्डलों में और 714 लोगों ने व्यक्तिगत समस्याओं के संबंध में मुख्यमंत्री को आवेदन दिए। मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को उनके आवेदन पर उचित कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। इस दौरान अनेक जरुरतमंद मरीजों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उनसे इलाज के लिए आर्थिक सहायता का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने गंभीर बीमारियों से पीडि़त ग्यारह मरीजों को संजीवनी कोष से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की स्वीकृति प्रदान की। उनके निर्देश पर 12 मरीजों को नि:शुल्क इलाज के लिए रायपुर स्थित अम्बेडकर अस्पताल भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों और प्रतिनिधि मण्डलों के आग्रह पर लगभग 12 लाख रुपए की लागत के तीन निर्माण कार्यों की मंजूरी दी।
मुख्यमंत्री से धमतरी से आए छत्तीसगढ़ अभिकर्ता एवं उपभोक्ता संघ के प्रतिनिधि मण्डल ने मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि चिटफंड कंपनियों ने उन लोगों के माध्यम से लोगों को अधिक ब्याज का लालच देकर पैसे जमाकराए थे। अब कंपनी बंद हो गयी है। प्रतिनिधि मण्डल ने ऐसी कंपनियों की संपत्ति कुर्क कराकर लोगों के पैसे वापस कराने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में कलेक्टर धमतरी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बिलासपुर के डुमार समाज विकास समिति के प्रतिनिधि मण्डल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें बताया कि वे लोग रेल्वे और नगर निगम बिलासपुर क्षेत्र में वर्षों से सफाई का काम कर रहे हैं। समय समय पर उनकी झोपड़ी हटाने के लिए प्रशासन द्वारा कहा जाता है। प्रतिनिधि मण्डल ने समाज के लोगों के लिए स्थायी आवास की व्यवस्था कराने के लिए आवेदन सौंपा। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में कलेक्टर बिलासपुर को प्रतिनिधि मण्डल के आवेदन का परीक्षण कर डुमार समाज के लोगों का उचित व्यवस्थापन करने के निर्देश दिए हैं। कोरबा जिले के ग्राम आंछीमार से आए विशेष पिछड़ी जनजाति के पांच युवाओं ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उन्हें बताया कि वे लोग पांचवी-आंठवी कक्षा उत्तीर्ण हैं। वर्तमान में वे लोग मजदूरी कर रहे हैं। उन्होंने योग्यतानुसार शासकीय नौकरी के लिए मुख्यमंत्री को आवेदन सौंपा। मुख्यमंत्री ने कलेक्टर कोरबा को उनके आवेदन का परीक्षण कर उचित कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।