युवाओं के हाथ में ही देश का भविष्य : राज्यपाल टंडन

रायपुर, 30 नवंबर (एनपी)। राज्यपाल श्री बलरामजी दास टण्डन ने आज यहां राजभवन में छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में वर्ष 2015, 2016 की हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी परीक्षाओं में प्रावीण्य सूची में आए मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री केदार कश्यप, संसदीय सचिव श्री अमरीश जांगड़े, माध्यमिक शिक्षा मण्डल के अध्यक्ष श्री विकासशील, राज्यपाल के सचिव श्री अशोक अग्रवाल, माध्यमिक शिक्षा मंडल के सचिव श्री सुधीर अग्रवाल सहित मेधावी विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक उपस्थित थे। कार्यक्रम में वर्ष 2015 में आयोजित परीक्षा में प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले 99 विद्यार्थियों एवं वर्ष 2016 के 60 विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रत्येक संकाय में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, रजत पदक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम में स्वर्गीय श्री अंकित सिंह परिहार स्मृति पुरस्कार भी प्रदान किया गया।
इस अवसर पर राज्यपाल श्री टंडन ने विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि युवाओं के हाथ में ही देश का भविष्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि जिस प्रकार मेहनत से स्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण की है, उसी प्रकार जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी ईमानदारी और लगन से कार्य करें और कामयाब हों। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपने अभिभावकों का, प्रदेश का, साथ ही पूरे देश का नाम दुनिया में रोशन करें। उन्होंने कहा कि युवाओं से देश को बहुत उम्मीदें हैं। भारत की ताकत युवा हैं। पूरी दुनिया की निगाहें भारत की ओर हैं और भारत मार्गदर्शक के रूप में सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे देश के विद्यार्थियों का आई.क्यू. किसी भी देश के युवाओं से कम नहीं है। भारतीय विद्यार्थी वे विदेशों में भी जाकर अपना परचम लहराते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे एक उजले तारे की तरह उभरें और दूसरों को सही रास्ता दिखाएं।
विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल ने कहा कि यह समय विद्यार्थियों के लिए स्वर्णिम समय है और इसका पूरा उपयोग करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने अभिभावकों, शिक्षकों के सपनों को साकार करने हेतु संकल्प लेने को कहा। उन्होंने आने वाले जीवन में कामयाब होने के लिए शुभकामनाएं दी।
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री केदार कश्यप ने इस अवसर पर कहा कि शासन द्वारा प्रदेश में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के निर्देशन में सतत् प्रयास किए जा रहे हैं। इसके परिणाम स्वरूप आज सुदूर वनांचल क्षेत्र के बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग ले रहे हैं और सफल हो रहे हैं, जिसकी कल्पना पहले नहीं की गई थी। यह हमारे लिए अत्यंत गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
संसदीय सचिव श्री अमरीश जांगड़े ने विद्यार्थियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उन्हें इसी प्रकार आगे बढ़ते रहने हेतु प्रोत्साहित किया। माध्यमिक शिक्षा मंडल के अध्यक्ष श्री विकासशील ने स्वागत भाषण दिया। आभार प्रदर्शन मंडल के सचिव श्री सुधीर अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर राज्य शिक्षा आयोग के अध्यक्ष श्री चन्द्रभूषण शर्मा, मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष श्री मिर्जा एजाज बेग, माध्यमिक शिक्षा मंडल के सदस्य सहित सम्मान प्राप्त विद्यार्थी उपस्थित थे।
कार्यक्रम में कक्षा दसवीं में प्रावीण्य सूची में पहला स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को स्वर्ण पदक और 35 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि एवं प्रमाण पत्र से सम्मानित किया एवं द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को रजत पदक, प्रोत्साहन राशि एवं प्रमाण पत्र तथा अन्य विद्यार्थियों को भी प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। दसवीं कक्षा के ही विशेष पिछड़ी जनजातियों के विद्यार्थियों को अपने वर्ग में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने पर 25 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि से सम्मानित किया गया। बारहवीं की प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को स्वर्ण पदक, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को रजत पदक और प्रावीण्य सूची में शामिल सभी विद्यार्थियों को एक लाख 10 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। श्री अंकित सिंह परिहार स्मृति सम्मान के तहत हायर सेकेण्डरी परीक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले दो विद्यार्थियों को 11 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया।