रेडी टू ईट व्यवसाय से घरघोड़ा दुर्गा महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं में आर्थिक मजबूती

रायगढ 04 नवम्बर (एनपी)। जिले के घरघोड़ा विकास खण्ड के साहू पारा में स्थित दुर्गा महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं में आयी आर्थिक मजबूती। वे स्व-सहायता समूह से जुड़कर आर्थिक एवं उनके रहन-सहन में भी परिवर्तन आने लगा है। घरघोड़ा विकास खण्ड के दुर्गा महिला स्व-सहायता समूह में 10 महिलाएं जुड़ी हुई है। समूह का गठन 2004-05 में हुआ था। समूह की अध्यक्ष अहिल्या साहू ने बताया कि प्रारंभ में समूह द्वारा राशन दुकान का संचालन किया जाता था। लेकिन समूह को उतनी आमदनी नहीं हो पाती थी। समूह की महिलाओं ने खादी तथा ग्रामोद्योग के अधिकारियों से संपर्क कर परिवार मूलक योजनाओं की जानकारी प्राप्त की और अपने व्यवसाय के विस्तार के बारे में भी अवगत कराया। उन्होंने शासन की तरफ से ऋण की सुविधा उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया। जिस पर ग्रामोद्योग के सहायक संचालक ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं को परिवार मूलक योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि महिलाओं को लघु एवं कुटीर उद्योग संचालित करने के लिए विभाग द्वारा 2 लाख रुपए ऋण की राशि उपलब्ध कराई जाती है। साथ ही इसमें 50 प्रतिशत की राशि लगभग एक लाख रुपए अनुदान शासन द्वारा प्रदाय किया जाता है। समूह की महिलाओं ने शासन के द्वारा मिलने वाली ऋण की सुविधा का लाभ लेकर घरघोड़ा के साहू पारा में रेडी टू ईट खाद्य प्रसंस्करण ग्रामोद्योग स्थापित कर आर्थिक लाभ अर्जित करने लगी और प्रतिवर्ष निर्मित सामग्री को महिला एवं बाल विकास विभाग को प्रदाय किया जाता है जिससे समूह को माह में लगभग 20 से 30 हजार रुपए की आमदनी प्राप्त हो जाती है और मिलने वाली लाभांश राशि को आपस में बांट लिया जाता है। दुर्गा महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं की आर्थिक स्थिति अब पहले से बेहतर हो गई है और वे अपने परिवार को आर्थिक मदद भी करने लगी है। महिलाओं ने शासन को धन्यवाद देते हुए कहा कि खादी एवं ग्रामोद्योग द्वारा निम्न एवं कमजोर आय वर्ग के लोगों के लिए लघु एवं कुटीर उद्योग स्थापित करने में मददगार साबित हो रही है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार होता जा रहा है।