चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है के जयकारे के साथ चल रहा है पदयात्रियों का हुजूम

  •  पदयात्रियों में स्कूली बच्चे भी शामिल हुए
    जगदलपुर, 04 अक्टूबर (एनपी)। जगदलपुर से लेकर दंतेवाड़ा तक पदयात्रियों की लगी कतारें, आसमान में काले मेघ और बिजली की चमक जनजीवन में खलल डाल रही है। रात के सफर में सांप-बिच्छुओं का खतरा है। नंगे पांव चलने पर पैरों में छाले भी पड़ रहे हैं, पर इससे बस्तर की आराध्य मां दंतेश्वरी के धाम दंतेवाड़ा जाने वाले पदयात्रियों के उत्साह में कोई कमी नहीं आ रही है। श्रद्घालुओं का कारवां माता के जयकारे के साथ आगे बढ़ता जा रहा है।
    नवरात्रि माँ दुर्गा की आराधना और उपासना का पर्व है। शारदीय नवरात्रि शनिवार से प्रारंभ हो गई है और पदयात्री बस्तर की आराध्य देवी आदि शक्ति माँ दंतेश्वरी के दर्शन के लिए नंगे पाँव गांव-गांव, शहर-शहर से निकल पड़े हैं। बस्तर के बकावंड जगदलपुर, कोण्डागांव से जगदलपुर तथा जगदलपुर से दंतेवाड़ा जाने वाले मार्ग में देवी दर्शन के पदयात्रा कर जाने वालों का तांता लगा हुआ है, वहीं बड़ी संख्या में श्रद्घालु बस, टैक्सियों, रेल मार्ग सहित निजी वाहनों से दंतेवाड़ा पहुंच रहे हैं। तोकापाल दंतेवाड़ा में बस्तर की आराध्य देवी माई दंतेश्वरी के दर्शनार्थ बड़ी संख्या में पदयात्री नंगे पांव जा रहे हैं। स्कूलों में नवरात्रि का अवकाश अभी शुरू नहीं हुआ है पर अंचल के ग्रामीण क्षेत्र से दंतेवाड़ा जा रहे पदयात्रियों में बड़ी संख्या स्कूली बच्चों की है, इसके अलावा बड़े बुजुर्ग भी पदयात्रा कर रहे हैं।
    कोण्डागांव से विधायक मोहन मरकाम अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ पदयात्रा कर माँ दंतेश्वरी के दर्शन के लिए निकले हैं, केशकाल विधायक संतराम नेताम 700 बाइक से अपने समर्थकों के साथ दंतेवाड़ा के लिए निकले पदयात्रियों के लिए जगदलपुर से लेकर दंतेवाड़ा तक लगभग बनाए गए हैं। इन केन्द्रों में चाय, नाश्ता, फलाहार, पानी तथा कुछ केन्द्रों में भोजन की व्यवस्था भी हर साल की भांति इस साल भी की गई है किन्तु इस बार सुविधाओं में कमी नजर आ रही है, जबकि पदयात्रियों की संख्या हर साल बढ़ रही है।
    माईजी के दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्घालुओं को भीड़ बढऩे लगी है। मनोकामना ज्योति कलश स्थापना के साथ ही शक्तिपीठ में दंतेश्वरी माई के साथ अंचल में दुर्गा माता की पूजा में लोग रम गए हैं। देवी मंदिरों व पंडालों में देवी दुर्गा दर्शन के लिये श्रद्धालुओं पहुंच रहे है, इधर माईजी के दर्शन और पूजा के लिए वाहन और पदयात्रियों का रेला दिन के साथ देर शाम तक पहुंच रहा है। हल्की बारिश के बीच भी पदयात्रियों के कदम नहीं थम रहे हैं और महिला-पुरुष के साथ बड़ी संख्या में युवा पैदल मंदिर पहुंच रहे है। परिसर से मंदिर तक मनोकामना और श्रद्घा जताने कोई श्रद्घालु घुटने के बल तो कोई लुढ़कते हुए मंदिर पहुंच रहा है।