संचार क्रांति की राह पर छत्तीसगढ़ ने रचा एक नया इतिहास

: केन्द्रीय संचार मंत्री ने किया नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के लिए 146 मोबाइल टावरों का लोकार्पण: बस्तर को पैतीस और टावर जल्द मिलेंगे
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की सभी 340
ग्राम पंचायतों के लिए इंटरनेट सुविधा का भी हुआ लोकार्पण
राज्य को दो साल में मिलेगी दो हजार नये मोबाइल टावरों की सौगात: श्री रविशंकर प्रसाद
बहुत जल्द वाई-फाई स्पॉट्स की संख्या 27 से बढ़कर होगी 220
संचार क्रांति में बलरामपुर बना छत्तीसगढ़ और भारत का आदर्श जिला: श्री रविशंकर प्रसाद
केन्द्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री ने सरपंचों से वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिये की बातचीत
मुख्यमंत्री ने दी ग्राम पंचायत झिंगों को पुलिया निर्माण के लिए तत्काल 30 लाख रूपए की मंजूरी
रायपुर, 27 जून (एनपी)। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के डिजिटल भारत अभियान के तहत संचार क्रांति की राह पर आज छत्तीसगढ़ ने एक नया इतिहास रचा, जब केन्द्रीय संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद ने राजधानी रायपुर में राज्य के नक्सल प्रभावित आदिवासी बहुल क्षेत्रों के लिए एकमुश्त 146 मोबाइल टावरों का लोकार्पण किया। उन्होंने राज्य के सीमावर्ती आदिवासी बहुल बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की शत-प्रतिशत ग्राम पंचायतों के लिए राष्ट्रीय फाईबर ऑप्टिकल नेटवर्क के जरिए विकसित इंटरनेट सुविधा का भी लोकार्पण किया। श्री रविशंकर प्रसाद और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंचों से सीधी बातचीत कर उन्हें तथा ग्रामीणों को इस नई सुविधा के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि अब जनता को टेलीफोन के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। उल्लेखनीय है कि इस जिले में पुरानी 340 (तीन सौ चालीस) ग्राम पंचायतें है। इन सभी ग्राम पंचायतों को प्रथम चरण में इस अत्याधुनिक संचार नेटवर्क से जोड़ा गया है।
केन्द्रीय संचार मंत्री ने कहा कि बलरामपुर-रामानुजगंज जिला भारत संचार नेट परियोजना के तहत देश का एक ऐसा आदर्श (मॉडल) जिला बन गया है, जहां की सभी 340 पुरानी ग्राम पंचायतें इंटरनेट से जुड़ गई हैं। उन्होंने इस जिले को संचार क्रांति के क्षेत्र में न सिर्फ छत्तीसगढ़ बल्कि भारत का मॉडल जिला बताया। श्री प्रसाद ने दोपहर मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के साथ यहां उनके निवास कार्यालय में विकास पर्व के तहत आयोजित सादगीपूर्ण कार्यक्रम में बस्तर संभाग के सुदूरवर्ती दोरनापाल (जिला – सुकमा) और पामेड़ (जिला-बीजापुर) के थाना प्रभारियों से मोबाइल फोन पर सीधी बातचीत की और सभी 146 मोबाइल टावरों का लोकार्पण किया। इनमें से 73 मोबाइल टावर बस्तर संभाग में और शेष 73 मोबाइल टावर सरगुजा संभाग में लगाए गए हैं। केन्द्रीय संचार मंत्री ने राज्य की इन दोनों महत्वपूर्ण उपलब्धियों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह सहित राज्य सरकार के अधिकारियों, पुलिस और केन्द्रीय सुरक्षा बलों के जवानों तथा भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के अधिकारियों को बधाई दी। श्री प्रसाद ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रही संचार क्रांति पर आज पूरी दुनिया की नजर है। विशेष रूप से हमारे देश की आधार कार्ड की परियोजना और राष्ट्रीय ऑप्टिकल फाईबर नेटवर्क परियोजना ने गंभीरता से दुनिया का ध्यान खींचा है।
श्री प्रसाद ने राज्य के नक्सल क्षेत्रों में संचार नेटवर्क बढ़ाने के लिए बस्तर को 35 और नये मोबाइल टावर तत्काल मंजूर करने का ऐलान किया। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा राज्य में 1600 अतिरिक्त मोबाइल टावर स्वीकृत करने के आग्रह को स्वीकार करते हुए इस वर्ष 1085 टावर मंजूर करने की भी घोषणा की । इनमें 865 टावर 3जी और 220 टावर 4-जी के होंगे। श्री प्रसाद ने कहा कि इन्हें मिलाकर छत्तीसगढ़ में अगले दो साल में 2000 नये मोबाइल टावर स्थापित किए जाएंगे। श्री रविशंकर प्रसाद द्वारा बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की ग्राम पंचायतों के लिए आज लोकार्पित इंटरनेट सुविधा केन्द्र सरकार की राष्ट्रीय आप्टिकल फाइबर नेटवर्क के जरिये दी जा रही है। केन्द्रीय संचार मंत्री ने कहा कि यह न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पूरे देश के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है कि छत्तीसगढ़ का आदिवासी बहुल बलरामपुर-रामानुजगंज जिला भारत का पहला ऐेसा जिला है, जिसे आप्टिकल फाइबर नेटवर्क के जरिये इंटरनेट से जोड़ा गया है। श्री प्रसाद ने कहा कि भारत संचार नेट परियोजना के क्रियान्वयन में संचार क्रांति में और समावेशी विकास में बलरामपुर-रामानुजगंज जिला देश का मॉडल जिला बन गया है। इससे स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं के तहत हितग्राहियों की राशि सीधे उनके बैंक खाते में हस्तांतरित की जा सकेगी। श्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के लगभग सोलह वर्ष की विकास यात्रा में यह निश्चित रूप से एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। मैं दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को भी डिजिटल भारत अभियान की इन उपलब्धियों के बारे में बताउंगा। उन्होंने कहा कि कलेक्टर से प्रस्ताव मिलने पर संबंधित गांवों में वाई-फाई की सुविधा भी दी जाएगी। श्री प्रसाद ने बताया कि छत्तीसगढ़ में वाई-फाई सुविधा वाले स्थानों की संख्या बहुत जल्द 27 से बढ़कर 220 हो जाएगी। प्रमुख पर्यटन स्थलों में भी वाई-फाई सुविधा दी जाएगी, ताकि वहां आने-जाने वाले सैलानी अपने घर परिवार के सतत सम्पर्क में रह सकें।
मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि यह किसी चमत्कार से कम नहीं है। जिन क्षेत्रों के लिए मोबाइल टावर आज लोकार्पित हुए हैं, वहां अब ग्रामीणों, स्थानीय शासकीय कर्मचारियों, आम नागरिकों और सुरक्षा बलों के जवानों को मोबाइल फोन के लिए कनेक्टिविटी की समस्या नहीं रहेगी। उन्होंने छत्तीसगढ़ को आज मिली इन सौगातों के लिए केन्द्रीय संचार मंत्री के प्रति आभार प्रकट किया। श्री रविशंकर प्रसाद और मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की ग्राम पंचायत झिंगों, पाढ़ी और चांदों के सरपंचों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सीधी बातचीत कर उन्हें इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई दी।कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने केन्द्रीय मंत्री श्री प्रसाद और मुख्यमंत्री को जिले में संचार नेटवर्क विस्तार के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।

श्री प्रसाद ने 146 मोबाइल टावरों का लोकार्पण करते हुए सुदूरवर्ती दोरनापाल (जिला सुकमा) के थाना प्रभारी श्री चन्द्रशेखर और पामेड़ (जिला बीजापुर) के थाना प्रभारी श्री अभय सिंह से मोबाइल फोन पर बातचीत की, उनका हालचाल पूछा और उन्हें तथा क्षेत्र के ग्रामीणों और सुरक्षा बलों के जवानों को बधाई दी। श्री प्रसाद ने कहा कि आज से उन्हें मोबाइल नेटवर्क की कोई दिक्कत नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बातचीत के दौरान ग्राम पंचायत पाढ़ी की सरपंच सुषमा मिंज के आग्रह पर वहां पुलिया निर्माण के लिए 30 लाख रूपये तत्काल मंजूर करने की भी घोषणा की। डॉ. सिंह ने ग्राम पंचायत चान्दो के सरपंच के आग्रह पर वहां डब्लूबीएम सड़क निर्माण की स्वीकृति भी तत्काल प्रदान कर दी।  इस अवसर पर छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड, अपर मुख्य सचिव श्री एन. बैजेन्द्र कुमार, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख सचिव श्री अमन कुमार सिंह, गृह विभाग के प्रमुख सचिव श्री बी.वी.आर. सुब्रमण्यम, सचिव वाणिज्य एवं उद्योग श्री सुबोध कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री ए.एन. उपाध्याय, विशेष पुलिस महानिदेशक श्री डी.एम. अवस्थी, चिप्स के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री एलेक्स पाल मेनन, आयुक्त आदिवासी विकास और संचालक जनसम्पर्क श्री राजेश सुकुमार टोप्पो और भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के वरिष्ठ अधिकारियों सहित अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।