पानी की किल्लत को दूर करने कोल डैम प्रोजेक्ट को वल्र्ड बैंक से मंजूरी

शिमला, 18 जून (एनपी)। राजधानी शिमला में पानी की किल्लत को दूर करने के लिए महत्वाकांक्षी कोल डैम परियोजना की फंडिंग को विश्व बैंक ने सैद्वांतिक मंजूरी दे दी है। विश्व बैंक की पदाधिकारी डॉ. समित्रा मिश्रा ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के मुलाकात के दौरान यह जानकारी दी। इसके बाद वह कोल डैम से पेयजल परियोजना बनाने के स्थल का दौरा किया है। शुक्रवार को विभाग के अधिकारियों के साथ मिटिंग प्रस्तावित है। 643.15 करोड़ की लागत से बनने वाले प्रोजेक्ट से राजधानी को 55 एमएलडी पानी मिलना है। इसके साथ ही इससे राजधानी के पेयजल वितरण के सिस्टम में सुधार किया जाना प्रस्तावित है। राजधानी को लिए कौलडैम के साथ पब्बर नदी से पानी लाने की योजना थी, इसमें से कोलडैम को मंजूरी मिली है। भले ही इस परियोजना के निर्माण में समय अधिक लगेगा, इसके बावजूद बनने के बाद शिमला की पानी की समस्या दशकों तक के लिए खत्म हो सकती है। इसके लिए महज यह दिक्कत है कि सालाना खर्च ज्यादा होगा। इसके साथ ही सतलुज नदी में सिल्ट की दिक्कत भी प्रोजेक्ट के लिए परेशानी हो सकती है। शिमला में गर्मियों के सीजन में पानी की मांग बढऩे और सप्लाई कम होने पर पांच से सात एमएलडी कम पानी मिल पाता है। इस कमी को पूरा करने के लिए हर साल राशनिंग का सहारा लेना पड़ता है। अब आलम यह है कि कई मर्तबा तो पेयजल परियोजनाओं में सिल्ट आने के कारण बरसात में भी राशनिंग की स्थिति पैदा हो जाती है। राज्य सरकार को उम्मीद है कि इस प्रोजेक्ट के बनने के बाद राजधानी की पेयजल संकट समस्या खत्म हो सकेगी। सचिव आईपीएच अनुराधा ठाकुर ने कहा कि विश्व बैंक की टीम ने कौल डैम प्रोजेक्ट को सैद्वांतिक मंजूरी दे दी है।