ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं

नई दिल्ली 07 जून (एनपी)। आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने मुद्रास्फीति बढने के जोखिम का उल्लेख करते हुए अपनी मुख्य नीतिगत दरें अपरिवर्तित रखीं हैं लेकिन कहा कि केंद्रीय बैंक उदार मौद्रिक नीति का अपना रख बरकरार रखेगा बशर्ते आंकड़े अनुकूल हों। रिजर्व बैंक ने अपनी द्वैमासिक नीतिगत समीक्षा में आज अपने अल्पकालिक रिण पर ब्याज (रेपो) को 6.5 प्रतिशत और बैंकों पर लागू आरक्षित-नकदी भंडार की अनिवार्यता चार प्रतिशत पर फिलहाल बरकरार रखा। राजन ने समीक्षा में कहा है, मुद्रास्फीति के अप्रैल के आंकड़े अप्रत्याशित :रूप से उंचे: रहने से मुद्रास्फीति की भावी दिशा कुछ और अधिक अनिश्चत हो गयी है। उन्होंने कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के कार्यान्वयन को इस मामले में बड़ा जोखिम  बताया है।  राजन ने ब्याज कम न करने के औचित्य के बारे में कहा, अप्रैल की मौद्रिक नीति की घोषणा के बाद आये आंकड़ों में मुद्रस्फीतिक का दबाव उम्मीद से अधिक तेजी से बढा है। ऐसा कई खाद्य उत्पादों और जिंसों के मूल्यों के बढने से प्रेरित हुआ है जिसका मौसमी उतार चढाव से संबंध नहीं है।