पीसीसी अध्यक्ष ने लगाया अंतागढ़ उपचुनाव में लेनदेन का आरोप

0-केन्द्र सरकार से एसआईटी गठित कर जांच कराने की मांग
0-मुख्य निर्वाचन आयुक्त से की निर्वाचन रद्द करने की मांग
0-कांग्रेस के दिग्गज नेता पुत्र को नोटिस, जवाब देने 7 दिन की मोहलत
रायपुर, 30 दिसंबर (एनपी)। अंतागढ़ उपचुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशी मंतूराम पवार को नाम वापसी तथा चुनाव में भाग न लेने के एवज में राज्य की भाजपा सरकार ने मोटी रकम देने की पेशकश की थी। दोनों पक्षों के बीच हुए बातचीत की रिकार्डिंग अब सामने आ चुकी है। इस मामले में कांग्रेस के भी तीन नेताओं के नाम सामने आए हैं। इस पूरे मामले में पीसीसी अध्यक्ष ने केन्द्र सरकार से एसआईटी गठन कराकर निष्पक्ष जांच की मांग की है साथ ही कांग्रेस नेताओं को आज नोटिस जारी कर 7 दिनों के भीतर जवाब मांगा जा रहा है।
कांग्रेस भवन में आयोजित एक प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए पीसीसी अध्यक्ष भूपेश बघेल ने आरोप लगाते हुए कहा कि अंतागढ़ उपचुनाव के दौरान राज्य की भाजपा सरकार की ओर से मंतूराम पवार को चुनाव में भाग न लेने और चुनाव से दूर रहने के एवज में मोटी रकम देने की पेशकश की गई थी। इस मामले में राज्य के मुखिया के परिवार के ही एक सदस्य और कांग्रेस के एक दिग्गज नेता के पुत्र के बीच लेनदेन संबंधी बातचीत की ऑडियो प्रमाण के रूप में सामने आने की बात कही गई है। श्री बघेल ने बताया कि चुनाव न लडऩे के इस डिलिंग में 7 से 10 करोड़ रूपए के लेनदेन की बात भी उक्त ऑडियो टेप में है। इस मामले में कांग्रेस के ही दो और लोगों के नाम सामने आए हैं। इस मामले में प्रदेश कांग्रेस कमेटी केन्द्र सरकार से मांग करती है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी का गठन किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि इस गंभीर मुद्दे पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त भारत निर्वाचन आयोग को भी पत्र लिखकर अंतागढ़ उपचुनाव रद्द करने की मांग की गई है। इस मामले में कांग्रेस नेता के पुत्र को आज नोटिस जारी कर 7 दिनों के भीतर जवाब मांगा जा रहा है। जवाब मिलने के बाद पीसीसी की रिपोर्ट सहित इसे पार्टी आलाकमान को सौंप दिया जाएगा। इसके साथ ही उक्त दिग्गज नेता से भी जवाब मांगा जा रहा है।