प्रधानमंत्री ने देखा आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत हुए नवाचारी कार्यों को हितग्राहियों से मिलकर जाना उनका काम

रायपुर । प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज यहां अपने जांगला प्रवास के दौरान आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत बीजापुर जिले में हुए नवाचारी कार्यों को देखा। उन्होंने कार्यक्रम के हितग्राहियों से मिलकर और उनसे बातचीत कर उनके द्वारा किेए जा रहे कार्यों के बारे में जानकारी ली। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आकांक्षी जिला कार्यक्रम के अंतर्गत गांव में विकसित जांगला विकास केन्द्र में स्थापित विभिन्न संस्थानों एवं कार्यालयों का अवलोकन किया। उन्होंने यहां भारतीय स्टेट बैंक की शाखा और एटीएम का उद्घाटन भी किया। उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के तहत यहां शुरू किेए जा रहे हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर का भी अवलोकन किया।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने जांगला विकास केन्द्र परिसर में पोटेनार एवं जांगला के शासकीय उचित मूल्य की दुकानों, सहायता केन्द्र, लोक शिक्षा केन्द्र, लोक सेवा केन्द्र (कॉमन सर्विस सेंटर), आदर्श आंगनबाड़ी, पटवारी मुख्यालय, ए.एन.एम. हाट-बाजार तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत विभिन्न स्वसहायता समूहों द्वारा संचालित दुकानों को देखा। उन्होंने आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत बीजापुर में किए जा रहे नवाचारी कार्यों को प्रदर्शित करने के लिए लगाए गए स्टॉलों को भी देखा। इस दौरान प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री मेडिकल फेलोशिप योजना के अंतर्गत विभिन्न राज्यों से बीजापुर में सेवा देने आए चिकित्सकों से चर्चा की। उन्होंने बीजापुर खेल अकादमी में प्रशिक्षणरत खिलाड़ियों का हौसला भी बढ़ाया। वे अकादमी की दो खिलाड़ियों सुश्री सुनीता हेमला एवं सुश्री अरूणा पुनेम से विशेष रूप से मिले। यह दोनों खिलाड़ी अगले महीने फिलीपींस में होने जा रहे सातवें एशियन सॉफ्टबॉल चौंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करने जा रही हैं। प्रधानमंत्री ने जावंगा (दंतेवाड़ा) के बी.पी.ओ. में प्रशिक्षित एवं वर्तमान में वहां काम कर रहे युवाओं से मिलकर उनके काम के बारे में जाना। इन युवाओं ने प्रधानमंत्री से अपने अनुभव साझा किए।
प्रधानमंत्री ने आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत अभिनव काम करने वाले किसानों, वन प्रबंधन और लघु वनोपज प्रसंस्करण तथा रेशम कृमिपालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे स्थानीय उद्यमियों से मिले और उनके कार्यों की सराहना की। उन्होंने सौर सुजला योजना, कृषि विभाग तथा जिला खनिज न्यास निधि से बस्तर संभाग के जिलों में किए जा कार्यों को दर्शाने वाले स्टॉलों का भी भ्रमण किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी और मुख्यमंत्री ने दंतेवाड़ा के चिंतालंका की ई-रिक्शा चालक श्रीमती सविता साहू के रिक्शे पर सवारी भी की। श्री मोदी ने उनके इस व्यवसाय और परिवार की जानकारी लेते हुए सविता की नई सोच की सराहना भी की।
आकांक्षी जिला: विकास की नई गाथा लिख रहा है बीजापुर
आकांक्षी जिला (।ेचपतंजपवद क्पेजतपबज) कार्यक्रम भारत सरकार का एक अभिनव एवं महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। इसके तहत देश के 115 पिछड़े जिलों को शामिल किया गया है जिनमें वामपंथ उग्रवाद प्रभावित बीजापुर भी शामिल है। जनवरी 2018 में शुरू हुए इस कार्यक्रम में तीन महीने में ही बीजापुर ने काफी तेजी से काम करते हुए प्रभावी विकास की दिशा में अनेक अभिनव कदम उठाए हैं। कार्यक्रम में शामिल देश के 28 राज्यों के 115 जिलों में बीजापुर ने उत्कृष्ट कार्य करते हुए पांचवां स्थान हासिल किया है। पिछड़े और वंचित जिलों की विकास की मुख्य धारा में शामिल होने की तीव्र आकांक्षा और सपनों को पूरा करने के लिए नीति आयोग और केन्द्र सरकार ने यह अभिनव कार्यक्रम शुरू किया है।
बीजापुर युवा राष्ट्र की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है। वामपंथी उग्रवाद की पृष्ठभूमि में जिले के समक्ष कई चुनौतियां हैं, पंरतु अल्पावधि में ही बीजापुर ने स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा तथा आजीविका के लिए अवसरो के निर्माण में आश्चर्यजनक प्रगति की है।  जिले में एक बड़े अस्पताल का निर्माण किया गया है। इस अस्पताल में देश के विभिन्न स्थानों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं ली जा रही हैं। जिले में नक्सल प्रभावित बच्चों के लिए पोटा कैबिन में स्कूल चलाए जा रहे हैं। आजीविका के अवसरों के निर्माण के लिए कई कदम उठाए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि आकांक्षी जिला कार्यक्रम में भारत की 15 प्रतिशत आबादी को शामिल किया गया है। प्रशासन के दृष्टिकोण से यह एक अनोखा कार्यक्रम है। यह कार्यक्रम सर्वाधिक गरीब लोगों को सहायता प्रदान करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। भारत तेज विकास के मार्ग पर चल रहा है। मानव विकास सूचकांक को बेहतर बनाने तथा विकास के संदर्भ में राज्यों और जिलों के अंतर को कम करने की आवश्यकता है। कार्यक्रम का लक्ष्य बीजापुर सहित देश के आकांक्षी जिलों में तेजी से सामाजिक और आर्थिक विकास की गति को तेज करते हुए उन्हें विकास की मुख्य धारा में लाना है। इस कार्यक्रम के तीन आयाम हैं: – केंद्र और राज्य की योजनाओं का संयोग, केंद्र-राज्य तथा जिला अधिकारियों के मध्य सहयोग तथा जिलों के बीच विकास की प्रतिस्पर्धा।
आकांक्षी जिला कार्यक्रम में स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा, कृषि और जलस्रोत, वित्तीय समावेश और कौशल विकास तथा आधारभूत संरचना के विकास पर खास जोर दिया गया है। नक्सल उग्रवाद से प्रभावित 35 जिले आकांक्षी जिला कार्यक्रम में शामिल हैं। जिले में विकास कार्यों का तेजी से विस्तार, जिलों के मध्य सहयोगी प्रतिस्पर्धा एवं शासन की योजनाओं को बेहतर बनाने जैसी गतिविधियां आकांक्षी जिला कार्यक्रम में प्रमुखता से संचालित की जा रही है।