नया रायपुर और कमल विहार सुनियोजित शहरी विकास के बेहतर मॉडल : डॉ रमन सिंह

: मुख्यमंत्री ने किया नगरीय योजनाकारों के राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ
गआबादी बसाने के पहले बुनियादी सुविधाएं जरूरी: डॉ. रमन सिंह
रायपुर 08 जनवरी (एनपी)। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज सवेरे राजधानी रायपुर में आयोजित ‘टाऊन एण्ड कन्ट्री प्लानर कांग्रेस के 64 वें राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ किया। राजधानी रायपुर में पहली बार आयोजित इस सम्मेलन में देशभर से आए करीब पांच सौ टाऊन प्लानर हिस्सा ले रहे हैं। तीन दिवसीय इस सम्मेलन में विशेषज्ञों द्वारा नगरीय क्षेत्रों से जुड़े इलाकों में योजना और विकास विषय पर विस्तृत रूप से विचार-विमर्श किया जाएगा। शुभारंभ समारोह में आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री राजेश मूणत, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व मुख्य सचिव श्री पी.जॉय उम्मेन और आवास एवं पर्यावरण विभाग के प्रमुख सचिव श्री अमन कुमार सिंह भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 64 वें सम्मेलन की स्मारिका का विमोचन भी किया। मुख्य अतिथि की आसंदी से मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में नगरीय जनसंख्या लगातार बढ़ रही है। पुराने नगरों में बढ़ी हुई आबादी को समायोजित करना अब मुश्किल हो गया है। इसलिए नगर से लगे ग्रामीण इलाकों में इस बढ़ी आबादी को बसाने के लिए बुनियादी सुविधाएं बनाना जरूरी है। डॉ. सिंह ने कहा कि नगरीय सीमां से सटे ग्रामीण इलाकों में हमें पहले से बुनियादी सुविधाएं विकसित करनी चाहिए ताकि जनसंख्या को वहां सभी बुनियादी सुविधाओं के साथ आसानी से बसाया जा सके। एक बार अव्यवस्थित तरीके से बस चुके होने के बाद बुनियादी सुविधाएं बनाने में काफी कठिनाई होती है। इस काम में तोड़-फोड़ भी करनी पड़ती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मेलन में नगरीय विकास से जुड़े बड़े योजनाकार हिस्सा ले रहे हैं। यहां मिले निष्कर्ष राज्य सरकार के लिए महत्वपूर्ण होंगे और राज्य सरकार अपनी भावी योजनाओं और विकास में इनकी सलाह पर विशेष गौर करेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि नया रायपुर और कमल विहार योजना सुनियोजित नगर विकास के आदर्श नमूने हैं। आगामी पचास साल की जरूरत का आकलन कर हम यहां सभी तरह की बुनियादी नगरीय सुविधाएं विकसित किए है। उन्होंने कहा कि नया रायपुर कोई अलग से शहर नहीं है बल्कि यह पुराने रायपुर शहर का ही विस्तार है। पुराने रायपुर की धड़कन यहां सुनाई देगी। यहां मोटर-गाड़ी और रेल के अलावा पैदल चलने वाले और सायकिल यात्रियों की सुविधा का भी ध्यान रखा गया है। स्वच्छ पर्यावरण और मनोरंजन को ध्यान में रखते हुए वहां बड़े-बड़े गार्डन और जंगल सफारी भी बनाए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने देश भर से आए नगरीय योजनाकारों को छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा की संक्षिप्त जानकारी दी। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रति व्यक्ति बिजली खपत के मामले में  छत्तीसगढ़ आज पूरे देश में अव्वल है। प्रति व्यक्ति आज यहां एक हजार 600 यूनिट बिजली खपत होती है जबकि राज्य निर्माण के समय यह केवल 700 यूनिट प्रति व्यक्ति था। प्रति व्यक्ति आमदनी भी लगभग 16 हजार से बढ़कर करीब 70 हजार रुपए तक पहुंच गई है। देश की केवल दो प्रतिशत आबादी वाला छत्तीसगढ़ आज कोर सेक्टर में 22 से 25 प्रतिशत तक उत्पादन की क्षमता रखता है।  उन्होंने कहा कि यह तो शुरूआत है, हमें और नई ऊंचाईयों को छूना है। नगरीय योजनाकारों की संस्था (आईटीपीआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री डी.एस.मेश्राम ने स्वागत भाषण और छत्तीसगढ़ चैप्टर के अध्यक्ष श्री जाहिर अली ने आभार व्यक्त किया।