देश में पहली बार विपक्ष और जनता की आवाज दबाने का प्रयास : राहुल गांधी

Sharing it

  • -राज्य के साथ ही केन्द्र सरकार पर साधा निशाना
  • -देश में डर का माहौल बना रही सरकार

रायपुर । हिन्दुस्तान में पहली बार लोकतंत्र की आवाज को दबाने की पूरी कोशिश हो रही है। 70 साल में ऐसा पहली बार हो रहा है, जब विपक्ष को पूरी तरह से दबाने का प्रयास हो रहा है। यही नहीं देश के अधिकांश वर्गों को डराने का खेल भी जारी है। आज पूरा देश डर के माहौल में है।
उक्त बातें कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज राजधानी रायपुर में आयोजित पंचायती राज कार्यक्रम में कही। इंडोर स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के साथ ही मध्यप्रदेश, झारखंड और ओडि़सा से भी हजारों की संख्या में प्रतिनिधि उपस्थित हुए हैं। श्री गांधी ने कहा कि सरकार अब तानाशाही रवैया अपना रही है। देश में डर का माहौल पैदा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंचायतों को मजबूत करने का निर्णय कांग्रेस का ही था। आज पंचायतों को ही दबाने का प्रयास हो रहा है। श्री गांधी ने हरियाणा का उदाहरण देते हुए कहा कि हरियाणा में कहा गया कि पंचायत प्रतिनिधि वही बन सकता है जो कि आठवीं अथवा दसवीं पास हो। अब सवाल यह उठता है कि जब पंचायतों के प्रतिनिधि पढ़े-लिखे और आठवीं-दसवीं पास होना चाहिए तो एमपी और एमएलए के बारे में यह बातें क्यों नहीं कही जाती? इससे ही सिद्ध होता है कि सरकार नहीं चाहती तो गांव-गरीब की आवाज बुलंद हो। आज देश में गरीब किसानों के कर्ज माफ नहीं हो सकते, लेकिन बड़े-बड़े पूंजीपतियों के, उद्योगपतियों के कर्ज आसानी से माफ हो गए। देश के हर संस्थान में आरएसएस अपने लोगों को बिठाते जा रही है। उन्होंने न्यायपालिका के संदर्भ में कहा कि हालात को पूरी तरह से बिगाडऩे का प्रयास हो रहा है, न्यायाधीशों को भी डराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में और देश के अन्य राज्यों में अब जहां भी कांग्रेस की सरकार बनेगी, वहां जनता की बातों को सुना जाएगा, जनता से सलाह लेकर अब कानून और योजनाएं तैयार होंगी। यदि कांग्रेस का कोई भी मुख्यमंत्री इस काम में अक्षम साबित होगा तो उसे तत्काल बदल दिया जाएगा।
कांग्रेस ने किया पंचायतों को मजबूत :
पंचायती राज सम्मेलन को उद्घाटन अवसर पर कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया ने कहा कि पिछ ले 15 साल से छत्त्तीसगढ़ में भाजपा की सरकार है और 4 सालों से केन्द्र में। लेकिन इन सालों में सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं को कमजोर करने का ही काम किया है। उन्होंने कहा कि ऐसे-ऐसे कदम उठाए गए जिससे ये संस्थाएं कमजोर हो जाएं। श्री पुनिया ने कहा कि भाजपा ने संस्थाओं के अधिकार, अधिकारियों को दे दिए। बजट में कटौती की गई। उन्होंने कहा कि वित्त विभाग के माध्यम से सीधे पंचायतों को पैसा आया, लेकिन सरकार ने हिटलरशाही निर्णय लेते हुए पैसा वापस ले लिया। इसका कारण भी स्पष्ट था, सरकार चाहती थी कि पंचायतों के पैसों से रिलायंस कंपनी का मोबाइल टॉवर लगे, लेकिन कांग्रेस के जोरदार विरोध के बाद सरकार को यह निर्णय वापस लेना पड़ा।