कछुआ चाल से हो रहा है राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण

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अमन सिंह भदौरिया
सुकमा (एनपीन्यूज)। सुकमा जिले का नेशनल हाइवे 30 इन दिनों बदहाल है और लगातार हो रही बारिश के चलते आमजीवन प्रभावित हो रहा है । बीते 6 घंटे तक दोरनापाल से मिसमा के बीच 100 से अधिक गाडिय़ां फंसी रही जिस वजह से घंटो यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी वहीं लंबे समय से चल रहा काम अब तक 50 प्रतिशत भी पूरा नही हो पाया जबकि सुकमा से कोंटा की दूरी मात्र 78 किलोमीटर है । ज्ञात हो कि जहां प्रदेश सरकार राज्य सत्ता के 5000 दिन पूरे होने का जश्न मना रही है वहीं सुकमा से कोंटा मार्ग अब तलक 50 प्रतिशत भी पूरा करवाने में नाकाम रही है । बारिश की वजह से जगह-जगह गाडिय़ां फंस रही है तो ठेकेदार द्वारा भी मार्ग की बहाली के लिए किसी तरह की व्यवस्था नही की जा रही है। सुबह 7 बजे से लगे जाम को दोरनापाल पुलिस द्वारा बहाल किया गया।
5 सालों में केवल 23 किलोमीटर बना ज्ञात हो कि 2007 में एनएच 30 के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने राशि जारी की थी । जिसके बाद IMG-20170819-WA0178से कागजी प्रक्रिया शुरू कर दिया गया था आज करीब 10 साल पूरा होने को हैं लेकिन अब तक एनएच 30 का निर्माण का स्तर मात्र 23 किलोमीटर तक का ही रहा है सुकमा से दोरनापाल के बीच 10 किलोमीटर में दिक्कतें आ रही है वहीं दोरनापाल से कोंटा तक का सफर बड़ा ही पीड़ादायक हैं । कोंटा इंजराम के बीच टांस-टॉय द्वारा विगत सत्र में नदी से निकाले गए रेत के ढेर को पड़ोसी राज्य तेलंगाना में बेच दिया गया था जिसके बाद से कोंटा की ओर से कार्य की गति शून्य हो गयी । इनदिनों कोंटा दोरनापाल मार्ग दलदली हो चुका है ।राष्ट्रीय राजमार्ग 30 का निर्माण कछुए की चाल केंद्र सरकार बस्तर में कैसे बनाएगी सड़कों का जाल केंद्र सरकार कैसे बिछाएगी बस्तर में सड़कों का जाल जब सुकमा जिले का नेशनल हाइवे 30 इन दिनों बदहाल है और लगातार हो रही बारिश के चलते आमजीवन प्रभावित हो रहा है । बीते 6 घंटे तक दोरनापाल से मिसमा के बीच 100 से अधिक गाडिय़ां फंसी रही जिस वजह से घंटो यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी वहीं लंबे समय से चल रहा काम अब तक 50 प्रतिशत भी पूरा नही हो पाया जबकि सुकमा से कोंटा की दूरी मात्र 78 किलोमीटर है । ज्ञात हो कि जहां प्रदेश सरकार राज्य सत्ता के 5000 दिन पूरे होने का जश्न मना रही है वहीं सुकमा से कोंटा मार्ग अब तलक 50 प्रतिशत भी पूरा करवाने में नाकाम रही है । बारिश की वजह से जगह-जगह गाडिय़ां फंस रही है तो ठेकेदार द्वारा भी मार्ग की बहाली के लिए किसी तरह की व्यवस्था नही की जा रही है। सुबह 7 बजे से लगे जाम को दोरनापाल पुलिस द्वारा बहाल किया गया।
5 सालों में केवल 23 किलोमीटर बनात्न ज्ञात हो कि 2007 में एनएच 30 के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने राशि जारी की थी । जिसके बाद से कागजी प्रक्रिया शुरू कर दिया गया था आज करीब 10 साल पूरा होने को हैं लेकिन अब तक एनएच 30 का निर्माण का स्तर मात्र 23 किलोमीटर तक का ही रहा है सुकमा से दोरनापाल के बीच 10 किलोमीटर में दिक्कतें आ रही है वहीं दोरनापाल से कोंटा तक का सफर बड़ा ही पीड़ादायक हैं । कोंटा इंजराम के बीच टांस-टॉय द्वारा विगत सत्र में नदी से निकाले गए रेत के ढेर को पड़ोसी राज्य तेलंगाना में बेच दिया गया था जिसके बाद से कोंटा की ओर से कार्य की गति शून्य हो गयी । इनदिनों कोंटा दोरनापाल मार्ग दलदली हो चुका है ।
प्रशासन मोटू से आमआदमी दलदल सेत्न गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजमार्ग के बदहाल होने की वजह से आवागमन जहां प्रभावित रहता है वहीं मुश्किलों के बीच यात्री स्वास्थ्य-चिकित्सा, Under Armour Curry 1 Elite Butler Bulldogs Jerseys व अन्य जरूरी काम को लेकर इसी रास्ते से यात्री बसों व टैक्सीयों से कोंटा या तेलंगाना पहुंचता है वहीं प्रशासनिक स्तर के उच्च से निम्न स्तर के अधिकारी इन सभी झमेलों से बचकर सुकमा से मोटू होते हुए कोंटा जाना पसंद करते है । ज्ञात हो कि सुकमा से मोटू मार्ग सुगम है सुकमा से मलकानगिरी 28 कि.मी. adidas bounce hombre canada goose canada goose homme वहां से कालीमेला 42 कि.मी. कालीमेला से मोटू लगभग 90 किमी कुल 160 किमी का सफर है मोटू से चार पहिया वाहन नदी पार कराने के सुविधा भी इनदिनों कोंटा में उपलब्ध है जिस वजह से प्रशासनिक अधिकारी इसी रास्ते से आवागमन करते हैं । पर यात्री बसों में जाने वाले आमलोगों को ये सुविधा उपलब्ध नही है ।
तेलंगाना यात्री बोले ये कैसी सरकार
जब इस मामले को लेकर पड़ोसी राज्य के कुछ यात्रियों से नवप्रदेश ने बात की तो उन्होंने छत्तीसगढ़ की सरकार के कार्यकलापों की निंदा की राजमहेन्द्री से जगदलपुर जा रहे वेंकटेश ने बताया कि कोंटा से यहां तक 6 जगह उनकी गाड़ी फंसी है वे बीते 10 वर्षों से व्यापार के संबंध में इस मार्ग से समय समय पर आना जाना करते हैं उन्होंने कहा इन मामलों को लेकर तेलंगाना व आंध्र की सरकार लापरवाही नही करती है ये कैसी सरकार है जो 18 साल सत्ता में रहकर भी 80 किमी सड़क नही बना पा रही है, sac kanken Canada Goose Manteau Homme सरकार को लोगों से सरोकार नही है ।
फैक्ट फाइल
कार्य का नाम – एनएच 30
निर्माण एजेंसी- पीडब्लूडी एनएच
स्वीकृति वर्ष – 2009
कार्य लागत – 155 करोड़+
मार्ग की दूरी – 78 किलोमीटर
कार्यपूर्णता – 23 किलोमीटर
कार्य प्रतिशत -29 प्रतिशतIMG-20170819-WA0177
हमने कई बार आईना दिखाया पर आईना नही देखना चाहती सरकार। सड़कों का जाल बहोत दूर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अब तक 50 प्रतिशत का नही हुआ। अब सरकार की इच्छा शक्ति खत्म हो चुकी है 22 अगस्त को दोरनापाल में कांग्रेस द्वारा एनएच 30 को लेकर आंदोलन करेगी जब मुख्यमंत्री का सुकमा आगमन होता है तब कार्य गति रातो रात बढ़ जाती है फिर खत्म हेलीकॉप्टर छोड़ सड़क के रास्ते से अगर अभी प्रदेश के मुखिया सुकमा से कोंटा चल कर देखें तब पता चलेगा कि सुकमा करवटें बदल रहा है या झटके खा रहा है।
कवासी लखमा, Compra Zapatillas Asics Online Womens Jordan Retro 6 विधायक कोंटा

प्रशासन मोटू से आमआदमी दलदल से गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजमार्ग के बदहाल होने की वजह से आवागमन जहां प्रभावित रहता है वहीं मुश्किलों के बीच यात्री स्वास्थ्य-चिकित्सा, FREE RN

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जब इस मामले को लेकर पड़ोसी राज्य के कुछ यात्रियों से नवप्रदेश ने बात की तो उन्होंने छत्तीसगढ़ की सरकार के कार्यकलापों की निंदा की राजमहेन्द्री से जगदलपुर जा रहे वेंकटेश ने बताया कि कोंटा से यहां तक 6 जगह उनकी गाड़ी फंसी है वे बीते 10 वर्षों से व्यापार के संबंध में इस मार्ग से समय समय पर आना जाना करते हैं उन्होंने कहा इन मामलों को लेकर तेलंगाना व आंध्र की सरकार लापरवाही नही करती है ये कैसी सरकार है जो 18 साल सत्ता में रहकर भी 80 किमी सड़क नही बना पा रही है, Adam Wainwright Authentic Jersey NIKE AIR MAX 2018 सरकार को लोगों से सरोकार नही है ।
कार्य का नाम – एनएच 30
निर्माण एजेंसी- पीडब्लूडी एनएच
स्वीकृति वर्ष – 2009
कार्य लागत – 155 करोड़+
मार्ग की दूरी – 78 किलोमीटर
कार्यपूर्णता – 23 किलोमीटर
कार्य प्रतिशत -29 प्रतिशत

“हमने कई बार आईना दिखाया पर आईना नही देखना चाहती सरकार। सड़कों का जाल बहोत दूर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अब तक 50 प्रतिशत का नही हुआ। अब सरकार की इच्छा शक्ति खत्म हो चुकी है 22 अगस्त को दोरनापाल में कांग्रेस द्वारा एनएच 30 को लेकर आंदोलन करेगी जब मुख्यमंत्री का सुकमा आगमन होता है तब कार्य गति रातो रात बढ़ जाती है फिर खत्म हेलीकॉप्टर छोड़ सड़क के रास्ते से अगर अभी प्रदेश के मुखिया सुकमा से कोंटा चल कर देखें तब पता चलेगा कि सुकमा करवटें बदल रहा है या झटके खा रहा है। “
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विधायक कोंटा

“केंद्र सरकार कैसे बिछाएगी बस्तर में सड़कों का जाल जब 10 वर्षों में अब तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर काम पूरा नही कर पाई। दोरनापाल के मंच से केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था एनएच समेत अंदरूनी इलाकों में हम सड़कों का जाल बुनेंगे। अंदरूनी इलाके तो बहुत दूर नेशनल हाइवे पर केंद्र व राज्य सरकार काम पूरा नही करवा पा रही है। स्वास्थ्य, nike pas cher PUMA evoPOWER homme शिक्षा,